योगी आदित्यनाथ ने पीएम पद की अटकलों पर तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘राजनीति मेरा पूर्णकालिक काम नहीं’
योगी आदित्यनाथ पिछले नौ साल से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और दो लगातार कार्यकाल पूरे कर वे राज्य के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले सीएम बन गए हैं.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित संन्यास की चर्चाओं के बीच अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर खुलकर बात की. समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में योगी ने कहा कि वह राजनीति को अपना पूर्णकालिक पेशा नहीं मानते. जनता के बीच उनके अगले प्रधानमंत्री बनने की संभावना को लेकर सवाल पर उन्होंने कहा, “मैं अभी उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री हूं. पार्टी ने मुझे राज्य की जनता की सेवा के लिए इस पद पर रखा है. राजनीति मेरा मुख्य काम नहीं है. असल में मैं एक योगी हूं.”
अपने भविष्य के राजनीतिक कदमों को लेकर उन्होंने खुला रुख रखते हुए कहा, “जब तक हम यहां हैं, काम कर रहे हैं. इसकी भी एक समय सीमा होगी.” योगी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब शिव सेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने दावा किया था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), जो बीजेपी का वैचारिक संरक्षक है, चाहता है कि पीएम मोदी सितंबर तक पद छोड़ दें और नई पीढ़ी को नेतृत्व सौंपें. राउत ने यह भी कहा कि पीएम मोदी को नागपुर में आरएसएस मुख्यालय के दौरे के दौरान “75 साल की उम्र की परंपरा” की याद दिलाई गई थी. बता दें कि पीएम मोदी, जो अपने तीसरे कार्यकाल में हैं, सितंबर में 75 साल के हो जाएंगे.
हालांकि, बीजेपी और आरएसएस दोनों ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “2029 में भी हम मोदी जी को फिर से प्रधानमंत्री के रूप में देखेंगे.”
बीजेपी नेतृत्व से मतभेद की बात निराधार: योगी
बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ मतभेद की अफवाहों पर योगी ने साफ कहा, “मतभेद का सवाल ही कहां उठता है? मैं इस पद पर पार्टी की वजह से हूं. अगर केंद्रीय नेताओं से मतभेद होता तो क्या मैं यहां रह पाता?” उन्होंने आगे कहा कि चुनावी टिकटों का बंटवारा पार्टी की संसदीय समिति करती है, जहां सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श होता है. योगी ने कहा, “कोई भी कुछ भी बोल सकता है, किसी का मुंह बंद नहीं किया जा सकता.”
यूपी में योगी का लंबा शासन, उपलब्धियां और चुनौतियां
योगी आदित्यनाथ पिछले नौ साल से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और दो लगातार कार्यकाल पूरे कर वे राज्य के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले सीएम बन गए हैं. उनके कार्यकाल में कानून-व्यवस्था, हिंदुत्व, जनकल्याणकारी योजनाओं और आर्थिक विकास पर जोर रहा. उनकी सरकार ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, जिसमें कथित अपराधियों की संपत्तियों को बुलडोजर से ढहाना और पुलिस मुठभेड़ जैसे विवादास्पद कदम शामिल हैं. इसके अलावा, अयोध्या में राम मंदिर का भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह और प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन, जिसमें छह हफ्तों में 66 करोड़ श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया, उनकी बड़ी उपलब्धियां रहीं.
हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को उत्तर प्रदेश में झटका लगा. पार्टी ने 2019 के मुकाबले 29 सीटें कम जीतीं और कुल 33 सीटों पर सिमट गई. इस हार ने पार्टी के भीतर असंतोष और योगी व केंद्रीय नेतृत्व के बीच तनाव की अटकलों को हवा दी. फिर भी, योगी ने इन बातों को सिरे से नकार दिया.