नई दिल्ली: नासा की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर अपने लंबे मिशन से लौटने के बाद भारत को अंतरिक्ष से देखने के अपने अनुभव साझा किए. मीडिया से बातचीत में उन्होंने भारत की खूबसूरती का जिक्र करते हुए कहा कि अंतरिक्ष से देश का नजारा देखना एक अनोखा अनुभव है.
सुनीता ने हिमालय की शानदार सुंदरता का वर्णन करते हुए कहा, “भारत वाकई कमाल का है. जब भी हमारी कक्षा हिमालय के ऊपर से गुजरती थी, हमें वहां से शानदार तस्वीरें मिलती थीं. यह एक लहर की तरह दिखता है जो धीरे-धीरे भारत की ओर बहता है.” उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष से गुजरात और मुंबई की ओर बढ़ते हुए रंगों का बदलाव और शहरों की रोशनी का जाल देखना बेहद खास था. “बड़े शहरों से छोटे शहरों तक फैली रोशनी एक संकेत की तरह लगती थी कि ‘यह आ रहा है’,” उन्होंने कहा.
अपने पिता की मातृभूमि से जुड़ाव पर उत्साह जताते हुए सुनीता ने कहा, “मैं अपने पिता के देश भारत वापस आने की उम्मीद रखती हूं. मुझे इस बात की खुशी है कि एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री जल्द ही एक्सिओम मिशन के साथ अंतरिक्ष में जाएगा.” यह टिप्पणी भारत और निजी अंतरिक्ष कंपनियों के सहयोग की ओर इशारा करती है.
भारत की अंतरिक्ष प्रगति पर गर्व
सुनीता ने भारत को “एक महान देश” और “शानदार लोकतंत्र” बताते हुए उसकी अंतरिक्ष अन्वेषण में बढ़ती भूमिका की सराहना की. उन्होंने कहा कि वह भारत के प्रयासों में सहयोग करने को तैयार हैं. भारत अपने गगनयान कार्यक्रम के जरिए 2026 तक मानव अंतरिक्ष उड़ान की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसके अलावा, नासा और इसरो के बीच सहयोग, जैसे कि निसार (अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट) जैसी संयुक्त परियोजनाएं, दोनों देशों के रिश्ते को मजबूत कर रही हैं.
322 दिनों से अधिक समय अंतरिक्ष में बिता चुकीं सुनीता ने न केवल भारत की प्राकृतिक सुंदरता को उजागर किया, बल्कि अपनी जड़ों पर गर्व और भारत के अंतरिक्ष भविष्य के प्रति आशावाद भी व्यक्त किया.