साहित्यकार शिवशंकर पटनायक ‘साकेत संत सम्मान’ से सम्मानित

पिथौरा नगर के प्रतिष्ठित साहित्यकार शिवशंकर पटनायक को कान्यकुब्ज सामाजिक सामाजिक चेतना मंच की ओर से ‘साकेत संत सम्मान’ से सम्मानित किया गया.

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पिथौरा| पिथौरा नगर के प्रतिष्ठित साहित्यकार शिवशंकर पटनायक को कान्यकुब्ज सामाजिक सामाजिक चेतना मंच की ओर से ‘साकेत संत सम्मान’ से सम्मानित किया गया. श्री पटनायक को सम्मानित किए जाने पर नगर के गणमान्य नागरिकों जनप्रतिनिधियों सहित प्रेस क्लब के सदस्यों ने बधाई दी है.

इस अवसर पर समारोह के मुख्य वक्ता के रूप में नगर के वरिष्ठ साहित्यकार शिवशंकर पटनायक ने छत्तीसगढ़ में किसी विश्वविद्यालय का नाम डा. बलदेव प्रसाद मिश्र जी के नाम पर करने की पुरजोर मांग की. ज्ञात हो कि शिवशंकर पटनायक की साहित्यिक कृतियों पर शोध कर अब तक 3 लोगों ने पी एच डी की है .

उल्लेखनीय है कि  deshdigital ने शिवशंकर पटनायक के निबंध संग्रह भाव चिंतन  के कई निबंधों के अंश  प्रकाशित किये हैं. जिसे पाठकों का भरपूर प्यार मिला है, उसकी सराहना की है.

प्रेम कुछ मांगता नहीं, सभी कुछ न्यौछावर कर एकाकार हो जाना चाहता है, यही प्रेम की प्रवृत्ति है। प्रेम में हिसाब किताब नहीं होता अतः पाने या खोने के भाव से मुक्त रहना ही प्रेम का गुण है क्योंकि पाने की कामना, वासना को आमंत्रित कर प्रेम को दूषित कर देती है।

क्लिक करें और उनका लिखा  निबन्ध पढ़ें:   प्रेम में हिसाब किताब नहीं

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में बिलासपुर से आए साहित्यकार डा. देवधर महंत जी ने अपने वक्तव्य में डा. बलदेव प्रसाद मिश्र के बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला. भिलाई के डा. अम्बरीष त्रिपाठी ने भी डा. बलदेव प्रसाद मिश्र के साहित्यिक अवदान के संकलन पर जोर देते हुए कहा कि आज की पीढ़ी को ऐसे उच्च कोटि के साहित्यकार को पढ़ना और जानना आवश्यक है.

कान्यकुब्ज सामाजिक चेतना मंच भिलाई-दुर्ग के मार्गदर्शक पं. बी एम के बाजपेई ने जानकारी दी कि शायद आज अटल विश्वविद्यालय में डा. मिश्र की साहित्यिक कृतियों पर शोधपीठ की स्थापना हो जाएगी. इस अवसर पर दुर्ग विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डा. एन पी दीक्षित, सरजूपारी समाज के अध्यक्ष पंडित प्रभूनाथ मिश्र, कान्यकुब्ज सामाजिक चेतना मंच के पूर्व अध्यक्ष आशीष मिश्रा, वरिष्ठ नागरिक मंच के अध्यक्ष के डी राय एवं बड़ी संख्या में समाज के सदस्य उपस्थित थे.

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