रांची। देवघर के त्रिकूट पर्वत पर रविवार की शाम रोपवे का सैप टूटने से अचानक हवा में करीब 75 से अधिक लोग फंस गए। इनमें से 24 लोगों को तो देर रात तक ही निकाल लिया गया, लेकिन 12 केबिन में फंसे 48 पर्यटक पूरी रात हवा में करीब 2 हजार फीट ऊपर लटके रहे। फंसे लोगों को निकालने सोमवार की सुबह से सेना के हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं।
इस हादसे में एक महिला की मौत हुई है जबकि एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। बचाव अभियान में भारतीय वायुसेना, सेना, ITBP एवं NDRF की टीम लगी हुई है। माना जा रहा है कि रोप-वे लोड बढ़ने की वजह से हादसा हुआ।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार की सुबह करीब सवा छह बजे वायुसेना का हेलीकॉप्टर कमांडोज के साथ पहुंचा। यहां पहले वायुसेना के जहाज ने एरियल सर्वे किया। फिलहाल फंसे लोगों को रेस्क्यू करने के लिए चॉपर फंसे केबिन के ऊपर पहुंच चुका है।
इधर घटनास्थल के पास सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा है| NDRF की टीम ने रविवार रात को रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया था और लगभग दो दर्जन लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। रात होने की वजह से ऑपरेशन बंद करना पड़ा। सोमवार सुबह से सेना के हेलीकॉप्टर ट्रॉलियों में फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुटे हुए हैं। इन लोगों तक एक खाली ट्रॉली के जरिए बिस्किट और पानी के पैकेट पहुंचाए गए हैं।
इस हादसे में मृत महिला की पहचान सुरा गांव निवासी 40 वर्षीया महिला सुमति देवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तीन ट्रालियां असंतुलित होकर पहाड़ से टकरा गई, जिससे अधिकांश लोग घायल हुए।