छत्तीसगढ़ का 60 फीसदी इलाका आदिवासी, शराबबंदी ठीक नहीं: मरकाम
छत्तीसगढ़ का 60 फीसदी इलाका आदिवासी है ऐसे में प्रदेश में शराबबंदी ठीक नहीं है| उक्त बातें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कही हैं | बता दें 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में शराब बंदी का वादा किया था |
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ का 60 फीसदी इलाका आदिवासी है ऐसे में प्रदेश में शराबबंदी ठीक नहीं है| उक्त बातें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कही हैं | बता दें 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में शराब बंदी का वादा किया था |
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने अंबिकापुर में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि कि मैं भी आदिवासी क्षेत्र से हूं। हमारे में मरने से लेकर नेग तक के कार्यक्रम में महुए के फूल का हो और सोमरस का इस्तेमाल होता है। आपने देखा होगा वेद पुराणों में इसके बार में। उन्होंने कहा कि अभी तो हमारी संस्कृति में ये चल रहा है। ऐसे में इन 60 प्रतिशत क्षेत्रों में तो संभव नहीं है कि शराबबंदी हो। रही बात 40 प्रतिशत क्षेत्र की बात तो सरकार को इस पर फैसला लेना है।
मरकाम ने कहा, भाजपा 15 सालों तक सत्ता में रही। उन्होंने वादा किया था 2100 रुपये धान का समर्थन मूल्य देंगे। हर परिवार को नौकरी देंगे। बेरोजगारी भत्ता देंगे। क्या उन्होंने ये सब वादे पूरे किए।
मोहन मरकाम अंबिकापुर में सरगुजा संभाग के लिए डिजीटल सदस्यता अभियान प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। यहां उन्होंने जिला, ब्लॉक समेत तमाम पदाधिकारियों से चर्चा की। कांग्रेस ने फरवरी महीने के अंत तक 10 लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है।
वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जो घोषणा पत्र जारी किया था। उससे प्रदेश में शराबबंदी का भी वादा था। इस पर भाजपा लगातार हमलावर रुख अपनाये हुए है |